शिमला, 21 सितंबर। संजौली-सिमिट्री क्षेत्र में निर्माणाधीन भूमिगत ट्विन टनल के ऊपर स्थित मकानों में आई दरारों और अन्य नुकसान को लेकर जिला प्रशासन ने कार्ययोजना तैयार की है। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रभावित लोगों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि राजस्व विभाग ऐसे मकानों को चिन्हित करेगा, जिनमें मरम्मत की आवश्यकता है। चिन्हित मकानों के लिए निर्माण कंपनी रिपेयर रोडमैप तैयार करेगी। मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और पूर्णता का निरीक्षण लोक निर्माण विभाग के अधिकारी करेंगे। पीडब्ल्यूडी के सत्यापन और अनुमोदन के बाद ही मरम्मत कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके अलावा ट्विन टनल के ऊपर करीब 100 मीटर क्षेत्र में स्थित सभी मकानों का निरीक्षण कर उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा। निरीक्षण तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 11-11 मीटर में बनी ट्विन टनल के ऊपर के मकानों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद टनल के बीच के 20 मीटर हिस्से और अंत में दोनों तरफ 30-30 मीटर क्षेत्र में स्थित मकानों का आकलन किया जाएगा।
एनएचएआई ने बैठक में बताया कि वर्तमान में सुरंग निर्माण के लिए ब्लास्टिंग नहीं की जा रही है। हालांकि, जिला प्रशासन ने निर्माण कंपनी को दी गई ब्लास्टिंग की अनुमति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है।
आईआईटी रुड़की की टीम करेगी जांच
मकानों में आई दरारों के कारणों का वैज्ञानिक और तकनीकी आकलन करवाने के लिए प्रशासन ने आईआईटी रुड़की से विशेषज्ञ दल भेजने का अनुरोध किया है। विशेषज्ञ प्रभावित मकानों का निरीक्षण कर दरारों के कारणों की पहचान करेंगे और सुरंग निर्माण के आगामी कार्य को सुरक्षित तरीके से करने के लिए आवश्यक सावधानियों और उपायों की सिफारिश करेंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से बातचीत की। उपायुक्त ने कहा कि प्रभावित लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर है तथा क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है।
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