शिमला। स्वाइन फ्लू (इन्फ्लुएंजा-ए एच1एन1) को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ. यशपाल रांटा ने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर सावधानी बरतना जरूरी है।

आईजीएमसी शिमला में एच1एन1 का एक संदिग्ध मामला सामने आया था। हालांकि जांच के बाद मरीज की रिपोर्ट एच1एन1 के लिए निगेटिव पाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल लोगों को किसी तरह की दहशत में आने की आवश्यकता नहीं है। विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी, लगातार तेज बुखार या लक्षणों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है तो उसे बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते और छींकते समय मुंह व नाक ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने तथा फ्लू जैसे लक्षणों से पीड़ित व्यक्ति के निकट संपर्क से बचने की अपील की है। लक्षण होने की स्थिति में मास्क पहनने की भी सलाह दी गई है।

विभाग ने लोगों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाइयां लेने से बचने को कहा है। खास तौर पर एंटीबायोटिक और एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं किया जाना चाहिए।

जिला स्वास्थ्य विभाग इन्फ्लुएंजा-लाइक इलनेस (ILI) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (SARI) के मामलों की निगरानी कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर जनस्वास्थ्य से जुड़े जरूरी कदम उठाने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।

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