शिमला, 1 सितंबर। प्रदेश के 150 सीबीएसई स्कूलों में अब विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति दिन में तीन बार दर्ज की जाएगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिक्षा विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए। इसके तहत स्कूल पहुंचने के समय सुबह, लंच ब्रेक के दौरान और छुट्टी के समय उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड निर्धारित किए जाएंगे। शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड 1 अक्तूबर, 2026 से अनिवार्य किया जाएगा। ड्रेस खरीदने में सुविधा के लिए प्रत्येक शिक्षक को एकमुश्त 5,000 रुपये की विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी। विद्यार्थियों की स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर अगले एक सप्ताह में निर्णय लिया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में करीब 1,200 शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। आने वाले समय में इन स्कूलों में और शिक्षकों की नियुक्तियां की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है।

सीबीएसई स्कूलों के सुधार और विद्यार्थियों व शिक्षकों की सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार अतिरिक्त 80 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राशि का उद्देश्य स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को घर-द्वार के पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है।

उन्होंने शिक्षा विभाग को सभी प्रस्तावित व्यवस्थाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा स्कूलों के संचालन और सुविधाओं में लगातार सुधार के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, महाधिवक्ता अनूप रतन, सचिव शिक्षा राकेश कंवर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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