शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर दिए गए स्पष्टीकरण को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर सहित उसके निर्णय पूर्ण आयोग के निर्णय हैं और निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं।
डॉ. बिंदल ने कहा कि चुनाव आयोग के इस स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व द्वारा उठाए गए सवालों पर स्थिति स्पष्ट हो गई है। उनके अनुसार, कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर राजनीतिक मुद्दे बनाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी ईवीएम, कभी ‘वोट चोरी’ और कभी एसआईआर को लेकर सवाल उठाती है। बिंदल ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम अपने पक्ष में नहीं आने पर कांग्रेस चुनाव आयोग पर जिम्मेदारी डालने के बजाय अपनी राजनीतिक कमियों पर मंथन करे।
हालांकि, चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बावजूद कांग्रेस ने आयोग की बात को स्वीकार नहीं किया है और एसआईआर तथा आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आयोग के बयान को अपर्याप्त बताया है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि चुनाव आयोग, सर्वोच्च न्यायालय अथवा अन्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से भी अपनी राजनीतिक असफलताओं के कारणों पर विचार करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनाव परिणामों के बाद ईवीएम, मतदाता सूची, एसआईआर और चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के बजाय जनता के बीच जाकर अपनी राजनीतिक कमियों का आकलन करना चाहिए। बिंदल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों पर तथ्यात्मक चर्चा आवश्यक है।
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