शिमला, 9 अगस्त। हिमाचल प्रदेश सरकार ने मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक बनाने और मछली पालकों व मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और कोल्ड-चेन सुविधाओं को मजबूत करने की योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को पांच मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज, फ्रीज-ड्राई यूनिट और रेफ्रिजरेटेड वैन स्थापित करने के लिए 70 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
योजना के तहत पांच मीट्रिक टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज के लिए 15 लाख रुपये, फ्रीज-ड्राई यूनिट के लिए 10 लाख रुपये और रेफ्रिजरेटेड वैन के लिए 20 लाख रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। इसका लाभ फिश फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ), मत्स्य सहकारी समितियों, उद्यमियों, बेरोजगार युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, मछुआरों, मछली विक्रेताओं और मछली पालकों को मिलेगा।
कोल्ड स्टोरेज के लिए आवेदक के पास स्वयं की उपयुक्त भूमि अथवा कम से कम 10 वर्ष की दीर्घकालिक लीज पर लिया गया स्थान होना जरूरी होगा। फ्रीज-ड्राई यूनिट के लिए मौजूदा मछली विक्रेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, रेफ्रिजरेटेड वैन के लिए आवेदक के पास योग्य व्यावसायिक चालक होना या उसकी व्यवस्था करना अनिवार्य होगा।
मत्स्य विभाग योजना को लागू करेगा। परिसंपत्तियों के निर्माण, स्थापना और सत्यापन के बाद सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से जारी की जाएगी। लाभार्थियों को सब्सिडी से तैयार सुविधाओं को कम से कम सात वर्ष तक चालू रखना होगा। विभाग द्वारा त्रैमासिक कार्यशीलता रिपोर्ट और आकस्मिक निरीक्षण भी किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि योजना से मछली उत्पादों की बर्बादी कम होगी, वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादकों को बेहतर दाम मिल सकेंगे। उन्होंने योजना के पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
