शिमला, 27 अगस्त। हिमाचल प्रदेश सरकार ने HIMCARE योजना के तहत सरकारी अस्पतालों तथा चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में उपचार के खर्च की प्रतिपूर्ति को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अब प्रतिपूर्ति दावा उपचार पर हुए वास्तविक खर्च या निर्धारित पैकेज दर, दोनों में से जो भी कम होगा, उतनी राशि तक ही किया जा सकेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अस्पताल और चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालय वास्तविक रूप से हुए खर्च के साथ HIMCARE साथी के पारिश्रमिक की प्रतिपूर्ति के लिए बिल प्रस्तुत कर सकेंगे।
मरीजों को मिलेगा कैशलेस उपचार
नई व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों और मेडिकल व डेंटल कॉलेजों को मरीजों को कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाना होगा। उपचार के लिए आवश्यक दवाइयां, सामग्री, कंज्यूमेबल्स और सर्जिकल आइटम आदि अस्पतालों को उपलब्ध करवाने होंगे।
सरकारी आपूर्ति की सामग्री का नहीं होगा दावा।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उपचार से संबंधित ऐसी दवाइयां, सामग्री, कंज्यूमेबल्स और सर्जिकल आइटम, जो सरकारी सप्लाई में उपलब्ध हैं या राज्य सरकार/राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के बजट से अलग से उपलब्ध करवाए जाते हैं, उनके खर्च का दावा HIMCARE योजना के तहत नहीं किया जा सकेगा।
विभाग ने यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के बाद जारी किया गया है।
