शिमला। पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता रविंद्र धीमान ने हिमाचल प्रदेश के मंत्री यादविंद्र गोमा पर जयसिंहपुर क्षेत्र के हनोन में निर्माणाधीन स्टोन क्रशर में कथित साझेदारी और निर्धारित नियमों के उल्लंघन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। धीमान ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
धीमान ने कहा कि आरटीआई से प्राप्त जानकारी में निर्माणाधीन स्टोन क्रशर में मंत्री की 40 फीसदी हिस्सेदारी होने का उल्लेख सामने आया है। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। किसी मंत्री या विधायक की ऐसे व्यावसायिक उपक्रम में कथित संलिप्तता सार्वजनिक जवाबदेही और हितों के टकराव से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने मामले की जांच जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत करने की मांग की।
धीमान ने आरोप लगाया कि कांगेहन पुल के समीप निर्माणाधीन स्टोन क्रशर में खनन नियमों और निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि लागू नियमों के अनुसार पुल से 200 मीटर अपस्ट्रीम और 300 मीटर डाउनस्ट्रीम के दायरे में स्टोन क्रशर स्थापित नहीं किया जा सकता। ऐसे में मौजूदा परियोजना में इन मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि 9 दिसंबर 2025 को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा संयुक्त भूमि से जुड़े मामले में स्टे दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि यदि न्यायालय का आदेश प्रभावी है तो निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है और आदेश की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए क्या कार्रवाई की गई है।
धीमान ने कहा कि मामला स्थानीय स्तर पर कई बार उठाए जाने के बावजूद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे राजनीतिक प्रभाव के चलते नियमों की अनदेखी किए जाने की आशंका पैदा होती है।
उन्होंने राज्य सरकार से परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने और किसी भी उल्लंघन की पुष्टि होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही उन्होंने प्रस्तावित स्टोन क्रशर से पेयजल योजनाओं और पर्यावरण पर संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई।
धीमान के अनुसार उन्होंने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में संज्ञेय अपराध सामने आने पर नियमानुसार एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
धीमान ने कहा कि जनता द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के साथ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन जनता के प्रति जवाबदेही हमेशा बनी रहती है। भाजपा जयसिंहपुर की जनता, पर्यावरण, पेयजल योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी।
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