हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने देर शाम राहत का ऐलान किया। विश्वविद्यालय ने विभिन्न फीस में कटौती संबंधी अधिसूचना जारी करते हुए प्रवेश और परीक्षा शुल्क में 10 प्रतिशत कमी करने का निर्णय लिया है। साथ ही बढ़ी हुई हॉस्टल फीस को वापस लेने और कुछ अन्य शुल्कों में संशोधन की घोषणा की गई है।

फीस वृद्धि को लेकर विश्वविद्यालय में पिछले कई दिनों से छात्र संगठन आंदोलनरत थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से लगातार क्रमिक भूख हड़ताल की जा रही थी, जबकि स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) भी फीस वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही थी। छात्र संगठनों का कहना था कि बढ़ी हुई फीस से विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

इसी बीच शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में एनएसयूआई प्रदेश विश्वविद्यालय के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर फीस वृद्धि कम करने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने इस मामले में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह से फोन पर बातचीत की और फीस वृद्धि की समीक्षा के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने देर शाम फीस में संशोधन संबंधी अधिसूचना जारी कर दी। अधिसूचना के अनुसार वर्तमान शैक्षणिक सत्र में सभी प्रकार की फीस में 10 प्रतिशत की कमी की जाएगी। विश्वविद्यालय ने बढ़ी हुई हॉस्टल फीस को वापस लेने का भी निर्णय लिया है, यानी हॉस्टल के लिए पहले लागू फीस संरचना ही प्रभावी रहेगी।

इसके अलावा री-इवैल्यूएशन फीस में भी बड़ी कटौती की गई है। स्नातक (यूजी) विद्यार्थियों के लिए यह फीस 1000 रुपये से घटाकर 500 रुपये और स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों के लिए 1200 रुपये से घटाकर 600 रुपये कर दी गई है। करेक्शन फीस 1200 रुपये से घटाकर 800 रुपये निर्धारित की गई है।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि संशोधित फीस 2026-27 शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों पर लागू होगी, जबकि विश्वविद्यालय में पहले से अध्ययनरत विद्यार्थियों को इन संशोधित फीस के दायरे से बाहर रखा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *