राज्य के संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड एवं पुरोहिताई के डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम शुरू करने पर विचार।
प्रदेश के 222 गौ सदनों एवं गौ अभयारण्यों में 23,018 गौवंश को आश्रय प्रदान किया गया है। 7 निर्माणाधीन गौ सदनों एवं गौ अभयारण्यों के पूर्ण होने पर 2,200 से 2,500 बेसहारा गौवंश को और आश्रय प्रदान किया जाएगा।
गौ सेवा आयोग द्वारा बेसहारा गौवंश के पालन-पोषण के लिए 1,200 रुपये प्रति गौवंश प्रतिमाह सहायता दी जा रही है। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है।
प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क दवाइयां, निःशुल्क जांच तथा आवश्यक मशीनरी एवं उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों हेतु 484, 170 और 91 प्रकार की दवाइयां तथा 134, 48 और 28 प्रकार की उपभोग्य वस्तुएं अधिसूचित की गई हैं।
स्वास्थ्य संस्थानों में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 573 प्रकार की दवाइयां एवं उपभोग्य वस्तुएं राज्य दर संविदा के अंतर्गत तथा 866 प्रकार की दवाइयां एवं उपभोग्य वस्तुएं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के माध्यम से उपलब्ध हैं।
जिला मंडी के त्रिवेणी धाम, रिवालसर की क्षतिग्रस्त एवं असुरक्षित चारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है।
