मंडी/कुल्लू, 7 सितंबर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोमवार को मंडी-कुल्लू दौरे के दौरान फोरलेन टनलों के शुरू होने को क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात बताया। उन्होंने पंडोह में एनएचएआई अधिकारियों के साथ बैठक कर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति का फीडबैक लिया। इसके बाद बंजार में पंचायतीराज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए और प्रदेश सरकार पर पंचायत चुनाव में देरी तथा विकास कार्य रोकने के आरोप लगाए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर डयोड-हणोगी और हणोगी-दवाड़ा के बीच नव निर्मित टनलों से यातायात शुरू होने से स्थानीय लोगों के साथ मंडी और कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। सफर पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित और सुगम होगा तथा यात्रा समय में भी कमी आएगी। अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरे से पहले यातायात बहाल होना पर्यटन कारोबार के लिए भी लाभदायक साबित होगा और लंबे जाम से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिमाचल में सड़क और सुरंगों का मजबूत नेटवर्क तैयार हो रहा है, जिससे प्रदेश की कनेक्टिविटी, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों से मंडी और कुल्लू में राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी समस्याओं पर स्थानीय विधायकों और अधिकारियों से समन्वय कर काम करने को कहा। साथ ही औट-बंजार-रामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की जल्द मरम्मत के निर्देश दिए। नगवाईं और झीड़ी में उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
बंजार में जयराम ठाकुर ने नवनिर्वाचित पंचायतीराज प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार पंचायत चुनाव टालना चाहती थी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कोर्ट में लड़ाई लड़कर सरकार को चुनाव करवाने के लिए मजबूर किया। उनका दावा था कि मुख्यमंत्री को चुनाव परिणामों का अंदाजा था, इसलिए चुनाव में देरी की गई। उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गांवों के विकास के लिए काम करने का आह्वान किया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी हैं और ग्रामीण विकास में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ जनता की आवाज उठाने और 2027 में भाजपा को सत्ता में वापस लाने के लिए जुटने का आह्वान किया।
नेता प्रतिपक्ष ने चंबा मेडिकल कॉलेज में इलाज के अभाव में बच्चे की मौत की घटना पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की नाकामी बताते हुए कहा कि सरकार को जिम्मेदारी तय कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति खराब है और सरकार को भाषणों के बजाय व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
