शिमला, 26 अगस्त। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूलों के एडमिशन फॉर्म में जाति का कॉलम खत्म करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज में जाति के आधार पर भेदभाव खत्म करने और आपसी भाईचारा बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे बच्चों में जाति को लेकर किसी तरह की हीन भावना पैदा नहीं होगी। हालांकि, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनुसूचित जाति समुदाय के लोग आवश्यकतानुसार जाति संबंधी जानकारी दे सकेंगे, ताकि उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण और उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे रही है। राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार सौर योजना के तहत 100 किलोवाट से दो मेगावाट तक की परियोजनाओं के लिए जनजातीय क्षेत्रों में पांच प्रतिशत और अन्य क्षेत्रों में चार प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अति निर्धन परिवारों के लिए ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत पात्र परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली तथा महिलाओं को 1500 रुपये मासिक पेंशन देने का प्रावधान होगा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने बताया कि प्रदेश में 8,41,917 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। विभिन्न श्रेणियों के पात्र लोगों को 1000 से 1700 रुपये प्रतिमाह तक पेंशन मिल रही है। वर्तमान वित्त वर्ष में पेंशन पर करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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