कर्मचारी हितैषी सरकार है तो कर्मचारी-पेंशनर धरने पर क्यों: जयराम ठाकुर।
शिमला, 1 सितंबर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान सुक्खू सरकार पर कर्मचारी और पेंशनर हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार खुद को कर्मचारी हितैषी बताती है, लेकिन यदि ऐसा है तो कर्मचारी और पेंशनर अपनी मांगों को लेकर धरने और प्रदर्शन करने के लिए मजबूर क्यों हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के चार साल पूरे होने को हैं, लेकिन कर्मचारियों के भत्ते और अन्य देय भुगतान अभी भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को आने वाले समय में इन मामलों का जवाब देना होगा। विपक्ष विधानसभा के भीतर और बाहर कर्मचारियों से जुड़े इन मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा।
कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के नेता इस गलतफहमी में हैं कि राहुल गांधी देश के अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को अब तक कई बार लॉन्च किया गया, लेकिन हर बार जनता ने उन्हें नकार दिया। उन्होंने कहा कि जिस नेतृत्व को जनता बार-बार अस्वीकार कर रही है, उसे आगे बढ़ाने से कांग्रेस को कोई लाभ नहीं होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी जयराम ठाकुर ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर रहते हुए मुख्यमंत्री का केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के धरने-प्रदर्शनों में शामिल होना पद की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं पांच वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे, लेकिन कभी हर मुद्दे पर नारेबाजी के लिए सड़क पर नहीं उतरे।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने पद की प्रतिष्ठा को राजनीति के लिए दांव पर लगा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी पर जातिवाद और नफरत की राजनीति को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी राजनीति से परहेज करती है।
