शिमला जिला परिषद चुनाव में देरी पर जयराम का हमला, बोले- जनादेश को प्रशासनिक दबाव से नहीं दबा सकती सरकार।
शिमला, 10 अगस्त। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में देरी को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनादेश हार चुकी कांग्रेस अब प्रशासन के सहारे जिला परिषद पर कब्जा करने का प्रयास कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि 6 जून को जिला परिषद के सभी 25 निर्वाचित सदस्य बैठक में मौजूद थे और उन्हें शपथ भी दिलाई गई, इसके बावजूद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं कराया गया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 90 और 127 के तहत शपथ के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव कराया जाना चाहिए था। इसके बावजूद बैठक को बिना स्पष्ट कारण बताए स्थगित कर दिया गया। बाद में 27 जून और 3 अगस्त को भी बैठकें हुईं, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि शिमला जिला परिषद के 13 निर्वाचित सदस्यों को अब अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव कराने के लिए दोबारा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। जयराम ने इसे सरकार की लोकतंत्र विरोधी कार्यप्रणाली का प्रमाण बताया।
उन्होंने 6 अगस्त के हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचित संस्थाओं की प्रक्रिया को प्रशासनिक निष्क्रियता या हस्तक्षेप से अनिश्चितकाल तक नहीं रोका जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से तत्काल चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग की।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जिला परिषद केवल राजनीतिक संस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, योजनाओं के समन्वय और निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने सरकार से प्रशासनिक टालमटोल बंद कर जनता के जनादेश का सम्मान करने की मांग की।
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