शिमला। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। आशियाना रेस्टोरेंट, द रिज शिमला में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हासिल करने में विफल कांग्रेस अब देश में अविश्वास और अराजकता का वातावरण खड़ा करने का प्रयास कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेता एक ओर हाथ में संविधान की किताब लेकर संवैधानिक मूल्यों की बात करते हैं, जबकि दूसरी ओर चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और मर्यादा का सम्मान सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने चुनाव आयोग की हालिया बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद कई भ्रम दूर हुए हैं। उनके अनुसार, जिस पत्र का उल्लेख किया जा रहा है, वह कैबिनेट सचिव को भेजा गया था और उसका चुनाव आयोग की किसी नीतिगत प्रक्रिया अथवा एसआईआर से संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि कोई असहमति संबंधी नोट होता तो वह रिकॉर्ड का हिस्सा होता और तीन सदस्यीय आयोग में निर्णय बहुमत से होता है।
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर जयराम ठाकुर ने कांग्रेस से सवाल किया कि हिमाचल और कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के समय चुनाव आयोग सही था तो अन्य राज्यों में हार के बाद उस पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु का भी उल्लेख किया।
जयराम ठाकुर ने हिमाचल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यालय के बोर्ड पर कालिख पोतना, पुतले को जूते मारना और चुनाव आयोग के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल संवैधानिक संस्थाओं का अपमान है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस के आरोपों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच तथ्यों के साथ देगी और संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास बनाए रखने की दिशा में अपनी भूमिका निभाएगी।
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