शिमला, 30 अगस्त। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक डायग्नॉस्टिक सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इन संस्थानों में आधुनिक मशीनरी स्थापित की जा रही है, जिनमें से कई सुविधाएं वर्तमान में केवल दिल्ली स्थित एम्स जैसे प्रमुख संस्थानों में उपलब्ध हैं। इससे प्रदेश में मरीजों को सटीक जांच और समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा।
नादौन विधानसभा क्षेत्र के कांगू में जन स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के 70 आदर्श चिकित्सा संस्थानों में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति कर रही है, ताकि लोगों को घर के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। सरकार 300 मेडिकल ऑफिसर, 200 स्पेशलिस्ट और 150 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती करेगी। नादौन, कांगू, गलोड़ और धनेटा के अस्पतालों में भी डॉक्टरों की नियुक्तियां की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोल सप्पड़ स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज का शीघ्र शुभारंभ किया जाएगा। यहां उत्तर भारत का पहला अलाइड हेल्थ सर्विसेज संस्थान स्थापित किया जा रहा है। इसी सत्र से दाखिले शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति को निर्देश जारी किए गए हैं। इससे अलाइड हेल्थ सर्विसेज से जुड़े पेशेवरों को हमीरपुर में ही तैयार किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि कांगू के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल को राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल का दर्जा दिया गया है। यहां नए भवन का निर्माण कर अत्याधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्राथमिक स्कूल के भवन का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और स्वास्थ्य व शिक्षा समेत सभी प्रमुख क्षेत्रों के लिए बजट की कमी नहीं रखी जा रही है।
