शिमला, 7 अगस्त। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के बड़े-बड़े दावों के बावजूद प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति लगातार सामने आ रही है। जनता सड़कों पर है और कई स्थानों पर लोग आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही।

जयराम ठाकुर ने कहा कि आईजीएमसी शिमला और चमियाना की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडी के नेरचौक मेडिकल कॉलेज की भी लगातार अनदेखी की जा रही है। उनके अनुसार, चार वर्षों में स्वास्थ्य मंत्री ने वहां निरीक्षण नहीं किया और मुख्यमंत्री द्वारा एमआरआई मशीन स्थापित करने के दावे के बावजूद मशीन अभी तक उपलब्ध नहीं हुई। उन्होंने रोगी कल्याण समिति की बैठक नहीं होने का भी आरोप लगाया।

टांडा मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए जयराम ने कहा कि चंबा के दो गंभीर रूप से बीमार बच्चों को ऑपरेशन के लिए एक साल बाद की तारीख मिलना चिंता का विषय है। उन्होंने ‘हिमकेयर’ योजना को कमजोर करने और सरकारी अस्पतालों में लैब जांच के दाम बढ़ाने का भी आरोप लगाया।

कुल्लू अस्पताल में प्रसव के दौरान बालीचौकी निवासी रजनी शर्मा उर्फ मंजू की मौत के मामले में उन्होंने न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने स्थानीय विधायक सुंदर ठाकुर की आंदोलन को भाजपा का एजेंडा बताने वाली टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इससे पीड़ित परिवार व आंदोलनकारियों की भावनाएं आहत हुई हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि अनशन को छह दिन बीतने के बावजूद सरकार द्वारा कोई संवेदनशील पहल नहीं की गई। उन्होंने विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने तथा सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने अनशनकारियों से स्वास्थ्य के हित में अनशन समाप्त कर कानूनी लड़ाई जारी रखने की अपील की।

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