शिमला, 20 अगस्त। जिला पुलिस शिमला की मासिक अपराध समीक्षा बैठक 19 अगस्त को आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, शिमला ने की। इसमें जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों तथा अन्य पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में जुलाई माह के दौरान तथा वर्ष 2026 में अब तक जिले में अपराध की स्थिति और विभिन्न अपराधों के रुझानों की विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अनुशासित और पेशेवर कार्यशैली अपनाने, वर्दी एवं अपने दायित्वों पर गर्व करने तथा जनता को संवेदनशील, प्रभावी और बेहतर पुलिसिंग उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करने का आह्वान किया।
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान की समीक्षा करते हुए एनडीपीएस मामलों में प्रभावी कार्रवाई के साथ बेहतर डिटेक्शन और बैकवर्ड लिंकज की जांच पर जोर दिया गया। अधिकारियों को बड़े तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा मामलों में Financial Investigation को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर फ्रीज करने और आवश्यक मामलों में PIT-NDPS Act के तहत निवारक कार्रवाई करने को भी कहा गया।
महिलाओं से संबंधित अपराधों में संवेदनशीलता, पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण तथा त्वरित एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया।
संपत्ति संबंधी अपराधों, विशेषकर चोरी और सेंधमारी के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी, चोरी गए माल की बरामदगी तथा मामलों के शीघ्र अनावरण को प्राथमिकता देने को कहा गया।
बैठक में साइबर पेट्रोलिंग, सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों की निगरानी, रात्रि गश्त, नाकाबंदी और अन्य निवारक कार्रवाइयों को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। अपराध की रोकथाम और अनावरण में तकनीकी एवं पारंपरिक पुलिसिंग के बेहतर समन्वय पर बल दिया गया।
अंत में पुलिस बल के कल्याण एवं सुविधाओं से जुड़े विषयों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एसएसपी ने टीम भावना, ईमानदारी और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा जनता का विश्वास और मजबूत करने का आह्वान किया। बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित भी किया गया।
