बरसात में वायरल फीवर से बचाव को सावधानी जरूरी, घबराने की जरूरत नहीं।
शिमला, 24 अगस्त। बरसात के मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और अन्य वायरल संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। आईजीएमसी शिमला में भी वायरल फीवर के लक्षणों वाले मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वायरल संक्रमण को लेकर घबराने के बजाय सावधानी बरतें और लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। संक्रमण से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने तथा जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। नियमित रूप से साबुन-पानी से हाथ धोना भी जरूरी है।
बुखार, खांसी या जुकाम होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और अन्य लोगों से उचित दूरी बनाए रखने को कहा गया है। घर में किसी व्यक्ति के वायरल संक्रमण से पीड़ित होने पर बच्चों और बुजुर्गों का उसके सीधे संपर्क को सीमित रखने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों ने पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने, पौष्टिक भोजन करने तथा पर्याप्त आराम करने पर जोर दिया है। बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़े तुरंत बदलने और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है। बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करने को कहा गया है।
तेज या लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी, लगातार उल्टी अथवा स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की गई है। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि अधिकांश वायरल फीवर उचित देखभाल और चिकित्सकीय सलाह से ठीक हो जाते हैं। लोगों से अफवाहों से बचने और समय पर डॉक्टर से संपर्क करने का आग्रह किया गया है।
