शिमला, 18 सितंबर। केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के लिए तीन वर्ष का रोडमैप तैयार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में तैयार ‘विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ में स्पष्ट समयसीमा, नियमित निगरानी, मापनीय परिणाम और 200 से अधिक कार्य बिंदु निर्धारित किए गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने 26 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 10वीं शीर्ष स्तरीय एनकॉर्ड बैठक में इसे लॉन्च किया था।
रोडमैप को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) शिमला ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और गृह मंत्रालय के सहयोग से शुक्रवार को शिमला में ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें एनसीबी चंडीगढ़ एवं अमृतसर के जोनल निदेशक अमनजीत सिंह, गृह मंत्रालय के अतिरिक्त महानिदेशक (मीडिया) राज कुमार और पीआईबी शिमला के सहायक निदेशक संजीव शर्मा ने मीडिया को अभियान की रणनीति और लक्ष्यों की जानकारी दी।
रोडमैप चार प्रमुख स्तंभों—खुफिया एवं अभियान आधारित प्रवर्तन, प्रीकर्सर व सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण, मांग एवं हानि में कमी तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय—पर आधारित है। इसके तहत 25 घटक और 200 से अधिक कार्य बिंदु तय किए गए हैं। अभियान का मूल मंत्र ‘डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय’ रखा गया है।
दस्तावेज में युवाओं में नशे की रोकथाम के साथ उपचार एवं पुनर्वास सुविधाओं का पांच गुना से अधिक विस्तार करने का लक्ष्य है। नशामुक्ति केंद्रों की संख्या वर्तमान 334 से बढ़ाकर मार्च 2029 तक 1,751 करने का प्रस्ताव है। बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं तथा प्रत्येक राज्य के एक मेडिकल कॉलेज में समर्पित विभाग स्थापित करने की योजना है।
‘नशा मुक्त भारत 2029’ को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते हुए अभियान की पहुंच 20 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ लोगों तक करने का लक्ष्य रखा गया है। एनसीसी, एनएसएस और माई भारत के माध्यम से एक लाख ‘नशा मुक्त भारत मित्र’ तैयार किए जाएंगे। स्कूल और कॉलेज नशे के खिलाफ पहली रक्षा पंक्ति के रूप में कार्य करेंगे।
सरकार के अनुसार 2019 से जुलाई 2026 तक 93,33,987 किलोग्राम मादक एवं मन:प्रभावी पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 1,53,212 करोड़ रुपये है। इसी अवधि में 44,88,576 किलोग्राम जब्त पदार्थ नष्ट किए गए। वहीं, 3,992 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां फ्रीज या जब्त की गईं और 128 अवैध गुप्त प्रयोगशालाओं को ध्वस्त किया गया।
रोडमैप के तहत राज्यों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मार्च 2027 तक सुसज्जित करने और नशीले पदार्थों के नमूनों की रिपोर्टिंग 30 दिन में सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। गृह मंत्रालय तिमाही समीक्षा के माध्यम से परिणाम आधारित निगरानी करेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिमला में एनसीबी जोनल कार्यालय स्थापित करने को भी मंजूरी दी है, जिसे जल्द शुरू किए जाने की जानकारी दी गई।
