वंदे मातरम् के विरोध पर कांग्रेस पर भाजपा का हमला, बिंदल और सिकंदर कुमार ने साधा निशाना।
शिमला, 22 अगस्त। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के संपूर्ण गायन को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और राज्यसभा सांसद प्रो. (डॉ.) सिकंदर कुमार ने विधानसभा में कांग्रेस के रुख को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दोनों नेताओं ने कांग्रेस पर वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति के चलते राष्ट्रीय गौरव से समझौता करने का आरोप लगाया।
डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि आजादी के आंदोलन की प्रेरणा और उद्घोष था। असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों ने इसका उद्घोष करते हुए अंग्रेजी शासन का सामना किया तथा अनेक वीरों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे में स्वतंत्र भारत में संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ के गायन का विरोध करना स्वतंत्रता सेनानियों और अमर बलिदानियों की भावनाओं का अपमान है।
बिंदल ने कांग्रेस से सवाल किया कि उसे संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ के गायन से आपत्ति क्यों है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति को राष्ट्रहित से ऊपर रख रही है। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े विषय राजनीतिक सुविधा के आधार पर तय नहीं किए जा सकते। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस से अपने रुख पर पुनर्विचार करने और देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करने की मांग की।
वहीं, राज्यसभा सांसद प्रो. (डॉ.) सिकंदर कुमार ने आरोप लगाया कि विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का आचरण राष्ट्रीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ को देश के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है और इसके सम्मान को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस और उसकी कार्यसमिति संवैधानिक संस्थाओं तथा संसद से ऊपर है।
डॉ. सिकंदर कुमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कार्यसमिति द्वारा राष्ट्रगीत के केवल दो छंद गाने के फैसले और विधानसभा में इसे लेकर अपनाए गए रुख से पार्टी का कथित दोहरा चरित्र सामने आया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल वीरों, सैनिकों और बलिदानियों की भूमि है और यहां मातृभूमि के सम्मान से जुड़े विषयों को राजनीतिक विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
दोनों भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय गौरव से जुड़े विषयों पर देश के साथ खड़े होने की अपील की।
