शिमला। नशे के अवैध कारोबार एवं मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध शिमला पुलिस की कार्रवाई के तहत एनडीपीएस एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए सजा सुनाई है।
पहले मामले में पुलिस थाना ठियोग में दर्ज अभियोग संख्या 112/2020, दिनांक 23 जुलाई 2020, के तहत आरोपी जीत सिंह पुत्र दीवान सिंह, निवासी ठियोग, जिला शिमला, को माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (CBI), शिमला की अदालत ने दोषी करार दिया। आरोपी के कब्जे से 120 टैबलेट्स Tramadol Hydrochloride 100 mg तथा 79 ग्राम अफीम बरामद की गई थी। अदालत ने धारा 21 ND&PS Act के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹20,000 जुर्माने तथा धारा 18 ND&PS Act के तहत 2 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹15,000 जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी किया गया है।
वहीं, दूसरे मामले में पुलिस थाना बालूगंज, शिमला में दर्ज अभियोग संख्या 07/2020, दिनांक 10 जनवरी 2020, के तहत आरोपी उदित ठाकुर पुत्र संजय ठाकुर, निवासी जिला शिमला, को माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2, शिमला की अदालत ने दोषसिद्ध किया। आरोपी के कब्जे से 5 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई थी। अदालत ने 21 अगस्त 2026 को आरोपी को धारा 21 ND&PS Act के तहत 8 माह के कठोर कारावास एवं ₹10,000 जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
शिमला पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में पुलिस द्वारा साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं प्रभावी संकलन कर मजबूत अभियोजन पक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप अदालत से दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध करवाया गया। पुलिस ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा एनडीपीएस मामलों में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और मजबूत अभियोजन के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
