शिमला, 24 अगस्त। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को शिमला में श्यामार्क ब्रांड को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारोबारियों को बड़े बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। ई-मार्ट भारत के जरिए मसाले, दालें, घी, सूखे मेवे, हस्तशिल्प समेत कई स्थानीय उत्पाद देश के विभिन्न हिस्सों में ऑनलाइन उपलब्ध करवाए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि ई-मार्ट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और महिलाओं को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम है। ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए उत्पादकों को बेहतर दाम मिलने की संभावना है, वहीं शहरी उपभोक्ताओं को गांवों में तैयार शुद्ध और स्थानीय उत्पाद आसानी से मिल सकेंगे। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रचार को बेहतर बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर बाजार तैयार करने की आवश्यकता जताई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
उन्होंने जैविक और प्राकृतिक उत्पादों की बढ़ती मांग को ग्रामीण महिलाओं के लिए बड़ा अवसर बताते हुए स्वयं सहायता समूहों से गुणवत्ता और पैकेजिंग के साथ प्रभावी मार्केटिंग पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस पहल को आगे बढ़ाने में आवश्यक सहयोग देगी।
ई-मार्ट के संस्थापक अरुण वर्मा ने कहा कि प्लेटफार्म का दायरा हिमाचल से बाहर उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों तक बढ़ाया जा रहा है। घी, दाल, हल्दी, गोबर के उपले और गौमूत्र सहित विभिन्न ग्रामीण उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री की व्यवस्था की जाएगी। देशभर में सामान पहुंचाने के लिए ब्लू डार्ट को डिलीवरी पार्टनर बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि उत्पादक बिचौलियों के बिना अपने ब्रांड और पहचान के साथ सीधे ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे। इससे उन्हें उत्पाद का उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 11 जिलों की लगभग 2500 महिलाएं अब तक इस पहल से जुड़ चुकी हैं
कार्यक्रम में उपमहापौर उमा कौशल, नगर निगम शिमला आयुक्त सचिन कंवल, मोनिता चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
