शिमला, 5 अगस्त। जिला शिमला में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के उत्पादों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के लिए क्लस्टर स्तर पर राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे प्री-फेब्रिकेटेड प्रोडक्ट सेल आउट हट स्थापित किए जाएंगे। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बचत भवन में ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इन हटों में सेब, शहद, अचार, चटनी, बुरांश स्क्वैश, राजमा, लाल चावल, ऊनी शॉल, टोपी और अन्य स्थानीय हस्तशिल्प व कृषि उत्पादों की बिक्री होगी। प्रत्येक हट के साथ एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप फूड वैन भी स्थापित की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि इस पहल से स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा और “ब्रांड शिमला” को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने सभी लंबित विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने तथा समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 520 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें 486 लाभार्थियों के खाते सत्यापित हो चुके हैं। समीक्षा में यह भी सामने आया कि जिले में 254 विकास योजनाएं अभी शुरू नहीं हो सकी हैं, जबकि 179 पूर्ण योजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित हैं। इसके अलावा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना की 351 तथा राज्यसभा सांसद निधि की 123 योजनाएं अधूरी हैं।
उपायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे सार्वजनिक शौचालय स्थापित करने और बीपीएल परिवारों की लंबित ई-केवाईसी प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के भी निर्देश दिए।
