शाहपुर, 8 अगस्त। हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ पेंशनरों ने एक बार फिर आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। प्रदेश के 18 प्रमुख पेंशनर संगठनों की संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर शनिवार को शाहपुर में करीब 1500 पेंशनरों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पेंशनरों ने मुख्य बाजार से अधिवेशन स्थल तक रैली निकाली और तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को मांगपत्र भेजा।
अभिनंदन पैलेस शाहपुर में प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित वार्षिक अधिवेशन में प्रदेश के सभी 12 जिलों से पेंशनरों ने भाग लिया। अधिवेशन में सरकार पर वादाखिलाफी और मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया। संयुक्त संघर्ष समिति ने ऐलान किया कि अक्तूबर 2026 के पहले सप्ताह से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे।
प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि 13 मई 2026 को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, लीव इनकैशमेंट और पेंशन की बकाया राशि में से 40 फीसदी भुगतान 31 जुलाई तक करने का आश्वासन दिया गया था। उनका आरोप है कि समय सीमा बीतने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
पेंशनरों ने संशोधित बकाया का 100 फीसदी भुगतान, महंगाई राहत व भत्तों की 15 फीसदी अदायगी, लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान और पेंशन समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई। एचआरटीसी पेंशनरों को नियमित पेंशन के साथ तीन फीसदी महंगाई भत्ता और संशोधित 50 हजार रुपये पेंशन देने की मांग भी की गई।
अधिवेशन में ब्लॉक स्तर पर बैठकें कर आंदोलन की रणनीति बनाने का फैसला लिया गया। शिमला जिले से 137 से अधिक पेंशनर भी शाहपुर पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और राष्ट्रगीत से हुई तथा दिवंगत पेंशनरों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
